38वें राष्ट्रीय खेल: उत्तराखंड में 28 जनवरी से शुरुआत, जम्मू-कश्मीर के 120 खिलाड़ी 16 खेलों में उतरेंगे
अमर उजाला के अनुसार 38वें राष्ट्रीय खेल 28 जनवरी से 14 फरवरी तक उत्तराखंड में होंगे। जम्मू-कश्मीर से 120 खिलाड़ी 16 खेलों में हिस्सा लेंगे और 27 जनवरी को अधिकांश टीमें रवाना होकर उद्घाटन समारोह में शामिल होंगी।
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- व्यापार जगत न्यूज़ डेस्क
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उत्तराखंड में होने जा रहे 38वें राष्ट्रीय खेलों की शुरुआत 28 जनवरी 2026 से होने वाली है और प्रतियोगिताएं 14 फरवरी 2026 तक चलेंगी। अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक जम्मू-कश्मीर से कुल 120 खिलाड़ी 16 अलग-अलग खेलों में भाग लेंगे। टीमों की स्क्रीनिंग प्रक्रिया पूरी की गई है और 27 जनवरी 2026 को अधिकांश टीमें रवाना होकर उद्घाटन समारोह का हिस्सा बनेंगी।

कौन से खेलों में अधिक भागीदारी
रिपोर्ट में बताया गया है कि सबसे अधिक 17 खिलाड़ी वुशु (Wushu) से हैं। यह संकेत देता है कि जम्मू-कश्मीर की तैयारी कुछ विशिष्ट खेलों में मजबूत रही है, और पदक की उम्मीदें भी इन श्रेणियों में अपेक्षाकृत अधिक हो सकती हैं। राष्ट्रीय खेलों में ऐसी भागीदारी राज्य/केंद्र शासित प्रदेश के खेल ढांचे, प्रशिक्षण सुविधाओं और प्रतिभा खोज की दिशा भी दिखाती है।
टीमों के लिए यह यात्रा क्यों अहम
राष्ट्रीय खेलों में भागीदारी खिलाड़ियों के लिए केवल मुकाबला नहीं, बल्कि चयन और करियर-प्रगति का बड़ा पड़ाव होती है। यहां प्रदर्शन के आधार पर खिलाड़ियों की पहचान राष्ट्रीय कैंप, सरकारी/अर्धसरकारी खेल कोटे की संभावनाओं और प्रायोजन अवसरों तक जा सकती है। इसलिए 27 जनवरी को टीमों का रवाना होना तैयारियों के अंतिम चरण और टूर्नामेंट-फोकस की शुरुआत माना जा सकता है।
आयोजन और प्रतिस्पर्धा का माहौल
28 जनवरी से 14 फरवरी तक चलने वाले इस बहु-खेल आयोजन में अलग-अलग खेलों के शेड्यूल, वेन्यू और क्वालिफिकेशन मानक अलग होंगे। खिलाड़ियों के लिए मौसम, यात्रा थकान, और आयोजन स्थलों की परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालना भी प्रदर्शन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। टीम मैनेजमेंट आम तौर पर फिटनेस, रिकवरी, पोषण और रणनीति पर खास ध्यान देता है।
- कुल अवधि: 28 जनवरी 2026 से 14 फरवरी 2026
- प्रतिनिधित्व: जम्मू-कश्मीर के 120 खिलाड़ी, 16 खेल
- मुख्य रवाना तिथि: 27 जनवरी 2026 (अधिकांश टीमें)
- वुशु में सबसे ज्यादा भागीदारी: 17 खिलाड़ी
राष्ट्रीय खेलों के दौरान खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर पूरे देश की खेल-संस्थाओं और चयनकर्ताओं की नजर रहती है। ऐसे में जम्मू-कश्मीर दल के लिए यह आयोजन प्रतिभा दिखाने और पदक तालिका में जगह बनाने का बड़ा मौका है।