WhatsApp ट्रेडिंग स्कैम: ‘पैसा डबल’ का झांसा देकर 85 साल के बुजुर्ग से 22 करोड़ की ठगी
एक बड़े WhatsApp ट्रेडिंग स्कैम में 85 साल के बुजुर्ग से करीब 22 करोड़ रुपये ठगे गए। रिपोर्ट के मुताबिक उन्हें एक लिंक के जरिए WhatsApp ग्रुप में जोड़ा गया और हाई रिटर्न का लालच देकर अलग-अलग खातों में रकम ट्रांसफर कराई गई।
- BYLINE
- व्यापार जगत न्यूज़ डेस्क
- PUBLISHED
साइबर ठगी के मामलों में WhatsApp प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। 20 जनवरी 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, एक WhatsApp ट्रेडिंग स्कैम में 85 साल के बुजुर्ग ने अपनी जीवनभर की कमाई गंवा दी और कुल 22 करोड़ रुपये की ठगी का शिकार हो गए।

खबर के अनुसार, पीड़ित को एक लिंक के जरिए WhatsApp ग्रुप में शामिल कराया गया। इसके बाद उन्हें ‘हाई रिटर्न’ और ‘रकम डबल’ होने जैसे दावों से प्रभावित किया गया। शुरुआती चरण में भरोसा बनाने के लिए कुछ स्कैम नेटवर्क छोटी-छोटी ‘सफलता’ दिखाकर लोगों को अधिक रकम लगाने के लिए प्रेरित करते हैं। इसी तरह के तरीके का जिक्र इस केस में भी संदर्भ के रूप में सामने आता है।
रिपोर्ट में बताया गया कि यह ठगी अक्टूबर 2025 से 12 जनवरी 2026 तक लगभग तीन महीने चली। इस दौरान पीड़ित से अलग-अलग 150 बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करवाए गए। जांच एजेंसियों का शक है कि इन ट्रांजैक्शनों में ‘म्यूल अकाउंट्स’ यानी ऐसे खातों का उपयोग हुआ, जिनका इस्तेमाल असली स्कैमर्स अपनी पहचान छिपाने के लिए करते हैं।
खबर के अनुसार, बैंक की तरफ से बार-बार बड़े ट्रांजैक्शनों पर अलर्ट भी भेजे गए, लेकिन पीड़ित ने उन्हें नजरअंदाज किया और ट्रांसफर जारी रखे। कई मामलों में पीड़ित भावनात्मक दबाव, जल्दी लाभ के लालच, या ‘एक्सक्लूसिव’ मौके के भ्रम में परिवार से भी यह बात साझा नहीं करते—जिससे समय रहते हस्तक्षेप नहीं हो पाता।
इस केस में पुणे पुलिस द्वारा केस दर्ज कर जांच शुरू करने की बात कही गई। रिपोर्ट के मुताबिक यह पुणे शहर के बड़े साइबर फ्रॉड मामलों में से एक माना जा रहा है।
टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल के साथ ठगी के तरीके भी तेज़ी से बदल रहे हैं। ऐसे में अनजान लिंक, निवेश के ‘गारंटीड’ वादे, और संदिग्ध WhatsApp ग्रुप/कॉल पर खास सतर्कता जरूरी है—क्योंकि यही अक्सर स्कैम की शुरुआत होते हैं।