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WhatsApp का नया पेड मॉडल? बीटा संकेतों से दावा—स्टेटस टैब पर विज्ञापन हटाने के लिए सब्सक्रिप्शन आ सकता है

एक रिपोर्ट में WhatsApp के नए बीटा वर्जन के कोड का हवाला देकर कहा गया कि भविष्य में स्टेटस टैब में विज्ञापन दिख सकते हैं और उन्हें हटाने के लिए पेड सब्सक्रिप्शन विकल्प लाया जा सकता है।

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व्यापार जगत न्यूज़ डेस्क
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रिपोर्ट में क्या दावा किया गया

WhatsApp को लेकर एक नई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कंपनी भविष्य में एक ऐसा पेड सब्सक्रिप्शन मॉडल ला सकती है, जिससे यूजर्स स्टेटस टैब में दिखाई देने वाले विज्ञापनों से बच सकेंगे। रिपोर्ट के मुताबिक, WhatsApp के बीटा वर्जन 2.26.3.9 के कोड में इस तरह की योजना के संकेत देखे गए हैं।

WhatsApp का नया पेड मॉडल? बीटा संकेतों से दावा—स्टेटस टैब पर विज्ञापन हटाने के लिए सब्सक्रिप्शन आ सकता है
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रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि जिन यूजर्स के पास यह सब्सक्रिप्शन नहीं होगा, उन्हें स्टेटस टैब में विज्ञापन दिख सकते हैं। हालांकि, साथ ही यह स्पष्ट किया गया कि WhatsApp की ओर से अब तक इस फीचर या मॉडल की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, इसलिए इसे संभावित/टेस्टिंग-फेज संकेत के तौर पर ही देखा जा रहा है।

यह बदलाव क्यों महत्वपूर्ण हो सकता है

WhatsApp अब तक बड़े पैमाने पर फ्री मैसेजिंग सेवा के तौर पर इस्तेमाल होता रहा है, इसलिए किसी भी प्रकार का ‘पेड टू गो ऐड-फ्री’ विकल्प यूजर अनुभव और प्लेटफॉर्म की कमाई—दोनों को प्रभावित कर सकता है। यदि विज्ञापन स्टेटस/डिस्कवरी जैसे क्षेत्रों में आते हैं, तो यह Meta की उन रणनीतियों से मेल खा सकता है जिनमें अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर विज्ञापन इन्वेंट्री बढ़ाई जाती है।

रिपोर्ट में WhatsApp Business का संदर्भ भी आता है, जहां व्यवसाय पहले से Meta के दूसरे प्लेटफॉर्म्स पर विज्ञापन के जरिए प्रमोशन करते हैं। संभावित तौर पर, भविष्य में इस इकोसिस्टम को WhatsApp के भीतर और ज्यादा जोड़ने की दिशा में कदम हो सकता है—हालांकि इसके स्वरूप, शुल्क और उपलब्धता पर आधिकारिक जानकारी आए बिना निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।

यूजर्स के लिए क्या ध्यान रखें

यदि आप WhatsApp के बीटा वर्जन का उपयोग करते हैं, तो ऐसे फीचर्स के संकेत दिखना सामान्य है, लेकिन हर टेस्टिंग फीचर फाइनल रिलीज़ तक पहुंचे—यह जरूरी नहीं। यूजर्स के लिए बेहतर होगा कि वे आधिकारिक WhatsApp/Meta अपडेट का इंतजार करें और अनौपचारिक दावों के आधार पर सुरक्षा/भुगतान संबंधी निर्णय न लें।

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  1. Navbharat TimesNavbharat Times