भारत में साइबर हमले 265 मिलियन के पार; थ्रेट रिपोर्ट में संगठनों के लिए ‘प्रोएक्टिव’ सुरक्षा की जरूरत पर जोर
एक टेक रिपोर्ट के अनुसार भारत में साइबर हमलों की संख्या 265 मिलियन के पार बताई गई। निष्कर्ष में कहा गया कि तेजी से बढ़ते डिजिटल इकोसिस्टम के साथ खतरे भी बढ़े हैं और संगठनों को पारंपरिक उपायों से आगे बढ़कर व्यापक सुरक्षा रणनीति अपनानी होगी।
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- व्यापार जगत न्यूज़ डेस्क
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टेक सेक्शन की बड़ी खबरों में साइबर सुरक्षा को लेकर एक नई थ्रेट रिपोर्ट का जिक्र सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में साइबर हमलों की संख्या 265 मिलियन के पार बताई गई है और इसे देश के तेजी से डिजिटल होते इकोसिस्टम के लिए एक गंभीर चेतावनी माना जा रहा है। ([bwhindi.com](https://www.bwhindi.com/technology-news/cyberattacks-in-india-cross-265-million-secrite-releases-threat-report-2026-68051.html?utm_source=openai))

रिपोर्ट में यह संकेत भी दिया गया कि हमलावरों की रणनीति केवल ‘फिशिंग’ या बेसिक मैलवेयर तक सीमित नहीं रही। अब कई हमले संगठित, लगातार (persistent) और मल्टी-वेक्टर हो रहे हैं—यानी ईमेल, एंडपॉइंट, क्लाउड, और नेटवर्क—सब एक साथ निशाना बन सकते हैं। इसी वजह से संगठन अगर केवल पारंपरिक एंटीवायरस या बेसिक फायरवॉल पर निर्भर रहेंगे तो जोखिम बना रहेगा। ([bwhindi.com](https://www.bwhindi.com/technology-news/cyberattacks-in-india-cross-265-million-secrite-releases-threat-report-2026-68051.html?utm_source=openai))
किस तरह की तैयारी जरूरी
- कर्मचारियों के लिए नियमित सिक्योरिटी ट्रेनिंग और फिशिंग-सिमुलेशन
- महत्वपूर्ण सिस्टम पर मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (MFA) और मजबूत पासवर्ड पॉलिसी
- रैनसमवेयर से बचाव के लिए ऑफलाइन/इम्यूटेबल बैकअप और रिकवरी ड्रिल
- क्लाउड वर्कलोड की लगातार मॉनिटरिंग और जीरो-ट्रस्ट अप्रोच
- इंसिडेंट रिस्पॉन्स प्लान, लॉगिंग और अलर्टिंग का नियमित ऑडिट
रिपोर्ट का संदेश साफ है: जैसे-जैसे डिजिटल सेवाएं बढ़ रही हैं, वैसे-वैसे हमले भी बढ़ रहे हैं। इसलिए सुरक्षा को ‘एक बार की खरीद’ नहीं, बल्कि निरंतर प्रक्रिया की तरह अपनाना जरूरी है—जहां टेक्नोलॉजी, प्रोसेस और लोगों—तीनों पर बराबर निवेश किया जाए। ([bwhindi.com](https://www.bwhindi.com/technology-news/cyberattacks-in-india-cross-265-million-secrite-releases-threat-report-2026-68051.html?utm_source=openai))