यूट्यूब पर हेल्थ जानकारी की बढ़ती निर्भरता: सर्च में सबसे ऊपर वीडियो क्यों और गलत जानकारी का जोखिम कितना?
एनडीटीवी हेल्थ की रिपोर्ट के अनुसार स्वास्थ्य से जुड़े सवालों के लिए लोग तेजी से यूट्यूब और सर्च के AI ओवरव्यू पर निर्भर हो रहे हैं। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि डॉक्टर/हॉस्पिटल चैनलों के साथ-साथ ‘वेलनेस इंफ्लुएंसर्स’ की मौजूदगी गलतफहमी का जोखिम बढ़ा सकती है।
- BYLINE
- व्यापार जगत न्यूज़ डेस्क
- PUBLISHED
- MODIFIED
स्वास्थ्य से जुड़े सवालों—जैसे लक्षण, रिपोर्ट, इलाज या घरेलू नुस्खों—के लिए लोग तेजी से डॉक्टर के बजाय ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर जा रहे हैं। एनडीटीवी हेल्थ की रिपोर्ट के मुताबिक सर्च रिजल्ट में AI Overview और यूट्यूब वीडियो अक्सर सबसे ऊपर दिखते हैं, जिससे यूजर का पहला ‘हेल्थ सलाह’ अनुभव कई बार क्लिनिकल सलाह की बजाय कंटेंट-आधारित जानकारी बन जाता है। ([ndtv.in](https://ndtv.in/health/youtubes-rise-in-health-queries-is-ai-overview-putting-users-at-risk-of-misinformation-finds-study-10881643?utm_source=openai))

यूट्यूब वीडियो ऊपर क्यों आते हैं?
रिपोर्ट के संदर्भ में देखें तो वीडियो फॉर्मेट तुरंत, सरल और ‘कैसे करें’ शैली में जवाब देता है—इसलिए लोग जल्दी क्लिक करते हैं, और यही व्यवहार प्लेटफॉर्म/सर्च रैंकिंग को और मजबूत करता है। नतीजा यह कि घरेलू नुस्खों से लेकर बीमारी की जानकारी तक, वीडियो एक डिफॉल्ट स्रोत बनता जा रहा है। ([ndtv.in](https://ndtv.in/health/youtubes-rise-in-health-queries-is-ai-overview-putting-users-at-risk-of-misinformation-finds-study-10881643?utm_source=openai))
खतरा कहां है?
एनडीटीवी के मुताबिक यूट्यूब पर अच्छे डॉक्टर और हॉस्पिटल चैनल मौजूद हैं, लेकिन साथ ही वेलनेस इंफ्लुएंसर भी हैं। समस्या तब होती है जब सामान्य सलाह को ‘इलाज’ की तरह पेश किया जाए, लक्षणों को हल्का बताकर देरी कराई जाए, या बिना प्रमाण वाले दावे किए जाएं। ([ndtv.in](https://ndtv.in/health/youtubes-rise-in-health-queries-is-ai-overview-putting-users-at-risk-of-misinformation-finds-study-10881643?utm_source=openai))
यूजर क्या सावधानी रखें (व्यावहारिक चेकलिस्ट)
- कंटेंट बनाने वाले की योग्यता/डिग्री और अस्पताल/संस्था की विश्वसनीयता देखें।
- यदि वीडियो किसी सप्लीमेंट/उत्पाद को बेचने पर जोर दे, तो इसे रेड-फ्लैग मानें।
- लक्षण गंभीर हों (जैसे तेज दर्द, सांस की दिक्कत, बेहोशी, लगातार बुखार), तो ऑनलाइन सलाह पर निर्भर न रहें।
- एक ही बात को कम-से-कम 2–3 भरोसेमंद मेडिकल सोर्स/डॉक्टर सलाह से क्रॉस-चेक करें।
यह बहस 25 जनवरी 2026 को इसलिए और महत्वपूर्ण दिखती है क्योंकि AI ओवरव्यू और वीडियो-कंटेंट का प्रभाव बढ़ने के साथ, हेल्थ मिसइन्फॉर्मेशन का जोखिम भी व्यापक पैमाने पर फैल सकता है। ([ndtv.in](https://ndtv.in/health/youtubes-rise-in-health-queries-is-ai-overview-putting-users-at-risk-of-misinformation-finds-study-10881643?utm_source=openai))