एम्स दिल्ली का दावा: खास मेटाबॉलिक सर्जरी से टाइप-2 डायबिटीज कंट्रोल में, कई मरीजों की दवाएं बंद
3 जनवरी 2026 की रिपोर्ट में कहा गया कि एम्स दिल्ली के डॉक्टरों के शोध के अनुसार दो घंटे की एक विशेष मेटाबॉलिक सर्जरी से टाइप-2 डायबिटीज को तेजी से कंट्रोल किया जा सकता है और कुछ मरीजों में दवाएं तुरंत बंद होने की बात सामने आई।
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- व्यापार जगत न्यूज़ डेस्क
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भारत में बढ़ती डायबिटीज की चुनौती के बीच 3 जनवरी 2026 को प्रकाशित एक हेल्थ रिपोर्ट में एम्स (AIIMS) दिल्ली से जुड़ा एक दावा चर्चा में आया। रिपोर्ट के अनुसार एम्स दिल्ली के डॉक्टरों के शोध में सामने आया कि लगभग दो घंटे की एक विशेष मेटाबॉलिक सर्जरी से टाइप-2 डायबिटीज को तेजी से कंट्रोल किया जा सकता है, और कई मरीजों की दवाएं तुरंत बंद हो जाती हैं। यह दावा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि टाइप-2 डायबिटीज के इलाज में आम तौर पर दीर्घकालीन दवाइयों, जीवनशैली बदलाव और नियमित मॉनिटरिंग की जरूरत होती है।

रिपोर्ट में ‘30 गंभीर डायबिटीज मरीज’ का संदर्भ दिया गया है, जिन्हें इस तरह के सर्जिकल हस्तक्षेप से लाभ होने की बात कही गई। हालांकि, किसी भी नई चिकित्सा पद्धति को व्यापक रूप से अपनाने से पहले यह समझना जरूरी होता है कि मरीजों का चयन कैसे किया गया, उनकी बीमारी की अवधि कितनी थी, उनकी अन्य जटिलताएं (जैसे हाई बीपी, मोटापा, फैटी लिवर) क्या थीं और फॉलो-अप कितने समय का रहा। इन सवालों के जवाब ही यह तय करते हैं कि यह तरीका किस आबादी के लिए वास्तव में सुरक्षित और प्रभावी है।
मेटाबॉलिक सर्जरी को लेकर एक वैज्ञानिक तर्क यह भी दिया जाता है कि कुछ सर्जिकल प्रक्रियाएं हार्मोनल बदलाव और इंसुलिन सेंसिटिविटी पर असर डाल सकती हैं, जिससे ब्लड शुगर कंट्रोल बेहतर हो सकता है। लेकिन सर्जरी होने का मतलब यह नहीं कि मरीज को आगे कोई सावधानी नहीं रखनी होगी। रिपोर्ट के दावों को व्यावहारिक रूप से देखने पर यह समझ आता है कि सर्जरी के बाद भी डाइट, शारीरिक गतिविधि, वजन नियंत्रण और नियमित शुगर मॉनिटरिंग जैसे कदम महत्वपूर्ण बने रहते हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ आम तौर पर यह सलाह देते हैं कि किसी भी ‘त्वरित इलाज’ के दावे को मरीजों को सीधे अपने ऊपर लागू नहीं करना चाहिए। खासकर सर्जरी जैसे विकल्प में जोखिम, लागत, और दीर्घकालीन परिणाम शामिल होते हैं। इसलिए यदि कोई मरीज इस विकल्प पर विचार कर रहा है, तो उसे एंडोक्रिनोलॉजिस्ट/बैरिएट्रिक या मेटाबॉलिक सर्जरी टीम से व्यक्तिगत मूल्यांकन, दूसरी राय, और पोस्ट-ऑप फॉलो-अप प्लान जरूर समझना चाहिए।
फिर भी, यदि शोध के निष्कर्ष आगे भी मजबूत डेटा के साथ टिकते हैं, तो यह टाइप-2 डायबिटीज के इलाज के क्षेत्र में एक अहम दिशा दिखा सकता है—खासतौर पर उन मरीजों के लिए जिनमें दवाओं के बावजूद नियंत्रण मुश्किल है और जिनमें मोटापा या अन्य मेटाबॉलिक समस्याएं साथ में मौजूद हैं।
- रिपोर्ट का दावा: 2 घंटे की मेटाबॉलिक सर्जरी से टाइप-2 डायबिटीज तेजी से कंट्रोल
- उल्लेख: गंभीर मरीजों में दवाएं बंद होने की बात
- महत्वपूर्ण सावधानी: व्यक्तिगत मेडिकल मूल्यांकन और दीर्घकालीन फॉलो-अप जरूरी