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[राजनीति]

BMC मेयर पद ‘ओपन कैटेगरी महिला’ के लिए आरक्षित: महाराष्ट्र निकाय नतीजों के बाद नाम तय करने की कवायद तेज

मुंबई की सियासत में BMC मेयर पद को लेकर बड़ी अपडेट आई है—इस बार मेयर महिला होंगी और आरक्षण ‘ओपन कैटेगरी महिला’ में आया है। भाजपा-शिवसेना मिलकर नाम तय करने की बात कही गई।

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व्यापार जगत न्यूज़ डेस्क
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महाराष्ट्र में निकाय चुनाव के नतीजों के बाद सबसे ज्यादा चर्चा मुंबई की बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के मेयर पद को लेकर शुरू हो गई है। 22 जनवरी 2026 को आई रिपोर्ट के मुताबिक आरक्षण प्रक्रिया/लॉटरी सिस्टम के जरिए यह तय हो गया कि इस बार BMC का मेयर पद ‘ओपन कैटेगरी महिला’ के लिए आरक्षित रहेगा। यानी मेयर महिला होंगी, लेकिन किसी एक विशेष जाति/वर्ग की बाध्यता नहीं होगी।

BMC मेयर पद ‘ओपन कैटेगरी महिला’ के लिए आरक्षित: महाराष्ट्र निकाय नतीजों के बाद नाम तय करने की कवायद तेज
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आरक्षण तय, अब असली सवाल: कौन बनेगी मेयर?

आरक्षण स्पष्ट होने के बाद अब राजनीतिक दलों के सामने सबसे बड़ा सवाल उम्मीदवार के नाम का है। रिपोर्ट में कहा गया कि भाजपा और शिवसेना (सहयोगी) मिलकर नाम तय करेंगे। BMC देश के सबसे प्रभावशाली शहरी निकायों में गिनी जाती है, इसलिए मेयर का नाम सिर्फ नगर निगम तक सीमित नहीं रहता—यह मुंबई की प्रशासनिक दिशा, प्राथमिकताओं और राजनीतिक संदेश से भी जुड़ जाता है।

क्यों अहम है BMC मेयर की कुर्सी?

मुंबई जैसे महानगर में बुनियादी सेवाएं—सफाई, सड़कें, सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था, जल आपूर्ति और आपदा प्रबंधन—नगर निगम के फैसलों से सीधे प्रभावित होती हैं। ऐसे में मेयर पद का आरक्षण महिला के लिए होने से प्रतिनिधित्व का संदेश भी जाता है, जबकि ‘ओपन कैटेगरी’ होने से पार्टियां व्यापक सामाजिक आधार को ध्यान में रखकर नाम चुन सकती हैं।

आगे की राह

आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि गठबंधन किस चेहरे पर सहमति बनाता है और विपक्ष किस रणनीति के साथ मैदान में उतरता है। फिलहाल, आरक्षण ने तस्वीर का एक हिस्सा तय कर दिया है—अब राजनीतिक मोलभाव और संगठनात्मक गणित बाकी है।

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  1. Amar UjalaAmar Ujala