फॉरेंसिक रिपोर्ट के बाद पटना NEET छात्रा मौत मामले में बड़ा मोड़, दो पुलिस अधिकारी निलंबित
पटना में NEET की तैयारी कर रही छात्रा की मौत की जांच में फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर यौन उत्पीड़न के संकेत मिलने की बात सामने आई है। मामले में कर्तव्य की उपेक्षा के आरोपों के बीच दो पुलिस अधिकारियों को निलंबित किया गया।
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- व्यापार जगत न्यूज़ डेस्क
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जांच में क्या सामने आया
पटना में मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET) की तैयारी कर रही 18 वर्षीय छात्रा की मौत के मामले में 25 जनवरी 2026 को जांच से जुड़ी अहम जानकारी सामने आई। रिपोर्ट के अनुसार, छात्रा के कपड़ों की फॉरेंसिक जांच में ऐसे संकेत मिले जिनसे यौन उत्पीड़न की आशंका मजबूत होती बताई गई।

यह घटना पहले से ही संवेदनशील थी क्योंकि छात्रा एक निजी हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रही थी। जानकारी के मुताबिक, छात्रा इस महीने की शुरुआत में हॉस्टल के कमरे में अचेत अवस्था में मिली थी और कई दिनों तक कोमा में रहने के बाद 11 जनवरी 2026 को अस्पताल में उसकी मौत हो गई।
मामले को लेकर परिवार की ओर से गंभीर आरोप लगाए गए थे। अब फॉरेंसिक निष्कर्षों के बाद जांच एजेंसियों के सामने यह चुनौती है कि वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर जिम्मेदारी तय की जाए और किसी भी संभावित आरोपी/संदिग्ध तक प्रक्रिया-सम्मत तरीके से पहुंचा जाए।
इसी बीच प्रशासनिक स्तर पर भी कार्रवाई की खबर आई। रिपोर्ट के अनुसार, कर्तव्य की उपेक्षा के आरोपों के तहत दो पुलिस अधिकारियों को निलंबित किया गया। साथ ही, इस केस की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) के स्तर पर आगे की कार्रवाई जारी बताई गई।
आगे की जांच में डीएनए प्रोफाइलिंग और मिलान जैसे कदम अहम माने जाते हैं, क्योंकि यही प्रक्रिया संदिग्धों की पहचान/पुष्टि में निर्णायक भूमिका निभा सकती है। साथ ही, केस की संवेदनशीलता के कारण पीड़ित परिवार को न्याय और पारदर्शी जांच की अपेक्षा स्वाभाविक रूप से बढ़ जाती है।
आगे क्या हो सकता है
- फॉरेंसिक नमूनों से डीएनए प्रोफाइल तैयार कर संदिग्धों से मिलान
- हॉस्टल/आसपास के सीसीटीवी, कॉल रिकॉर्ड व डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण
- लापरवाही/ड्यूटी में चूक की अलग से विभागीय जांच