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[राजनीति]

बजट सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक: 27 जनवरी को चर्चा, 28 से संसद सत्र; 1 फरवरी को आम बजट

नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक बजट सत्र की शुरुआत 28 जनवरी 2026 से होने वाली है। सत्र से पहले 27 जनवरी को सर्वदलीय बैठक बुलाई गई है, जिसमें विधायी कार्यों और प्रमुख मुद्दों पर चर्चा होगी। 1 फरवरी को केंद्रीय बजट पेश किया जाना है।

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व्यापार जगत न्यूज़ डेस्क
PUBLISHED

बजट सत्र की तैयारियों के बीच केंद्र सरकार ने 27 जनवरी 2026 को सर्वदलीय बैठक बुलाने का फैसला किया है। रिपोर्ट के मुताबिक संसद का बजट सत्र 28 जनवरी 2026 से शुरू होगा, जबकि केंद्रीय बजट 1 फरवरी 2026 को पेश किया जाना है। बैठक का मकसद सत्र के सुचारू संचालन, संभावित टकराव वाले मुद्दों और विधायी एजेंडे पर सभी दलों से चर्चा करना है।

बजट सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक: 27 जनवरी को चर्चा, 28 से संसद सत्र; 1 फरवरी को आम बजट
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सत्र की शुरुआत और प्रमुख औपचारिकताएं

रिपोर्ट में कहा गया है कि सत्र की शुरुआत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण से होगी। इसके बाद बजट से जुड़े दस्तावेज और बहसें आगे बढ़ेंगी। बजट सत्र में आमतौर पर आर्थिक नीतियों, कर प्रस्तावों, सार्वजनिक खर्च और विभिन्न मंत्रालयों के अनुदान मांगों पर विस्तृत चर्चा होती है।

सर्वदलीय बैठक का मतलब क्या होता है

सर्वदलीय बैठक को राजनीतिक सहमति बनाने और सदन में गतिरोध से बचने की कोशिश के तौर पर देखा जाता है। इसमें सरकार, विपक्ष और विभिन्न दल सत्र के दौरान उठाए जाने वाले मुद्दों, बहस के स्वरूप और समय-प्रबंधन पर चर्चा करते हैं। कई बार यह बैठक ‘हंगामे’ के बजाय ‘विमर्श’ को प्राथमिकता देने का संकेत भी मानी जाती है।

1 फरवरी के बजट से क्या उम्मीदें

केंद्रीय बजट 1 फरवरी 2026 को पेश होने से पहले उद्योग, किसान संगठनों, करदाताओं और राज्यों की ओर से मांगें तेज रहती हैं। ऐसे में संसद सत्र का शुरुआती सप्ताह राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इसमें सरकार की प्राथमिकताएं और विपक्ष की रणनीति दोनों स्पष्ट होने लगती हैं।

  • सरकार का एजेंडा: सत्र को समय पर चलाना और बजट पर बहस कराना
  • विपक्ष के मुद्दे: महंगाई, रोजगार, किसानों और क्षेत्रीय चिंताएं
  • विधायी कार्य: नियमों/बिलों पर सहमति बनाना
  • अर्थव्यवस्था: कर, खर्च और विकास के रोडमैप पर राजनीतिक बहस

अब नजर इस पर रहेगी कि सर्वदलीय बैठक से कितनी सहमति बनती है, और सत्र की शुरुआत पहले ही दिन से किस माहौल में होती है।

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