रूस के कामचटका में 60 साल की रिकॉर्ड बर्फबारी, शहर की रफ्तार थमी; कई जगहों पर आपात स्थिति
रूस के सुदूर पूर्वी हिस्से कामचटका प्रायद्वीप में जनवरी 2026 के दौरान रिकॉर्ड तोड़ बर्फबारी दर्ज की गई। पेट्रोपावलोव्स्क-कामचात्स्की समेत कई इलाकों में सड़कों पर भारी जमाव, परिवहन बाधित और रोजमर्रा की जिंदगी पर बड़ा असर दिखा।
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- व्यापार जगत न्यूज़ डेस्क
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जनवरी 2026 में रूस के कामचटका प्रायद्वीप में असामान्य रूप से भारी बर्फबारी हुई, जिसे कई रिपोर्टों में दशकों में सबसे खराब सर्दी के दौर के रूप में वर्णित किया गया। पेट्रोपावलोव्स्क-कामचात्स्की (क्षेत्रीय राजधानी) में लगातार कई दिन तक बर्फ गिरने और तेज हवाओं के चलते सड़कों पर बर्फ की मोटी परत जम गई, और कई इलाकों में ऊंचे स्नोड्रिफ्ट (बर्फ के ढेर) बन गए।

स्थानीय प्रशासन को छतों से बर्फ हटाने, सड़कों की सफाई, आपातकालीन सेवाओं की आवाजाही और जरूरी आपूर्ति को बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम करने पड़े। कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया कि बर्फबारी और छतों से बर्फ गिरने जैसी घटनाओं के कारण हताहत होने की खबरें आईं, जिससे सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई।
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, इस तरह की अत्यधिक बर्फबारी के पीछे समुद्री क्षेत्रों से आने वाली नम हवा, बार-बार बनने वाले निम्न दबाव के सिस्टम और आर्कटिक ठंड के साथ उसका टकराव जैसी स्थितियां कारण बन सकती हैं। कामचटका का भूगोल—समुद्र के करीब होना और पहाड़ी-आग्नेय (वोल्कैनिक) इलाका—भी नम हवा को ऊपर उठाकर भारी बर्फबारी बढ़ाने में भूमिका निभाता है।
हालात इतने कठिन रहे कि कई जगह स्कूल/दफ्तर बंद होने, सार्वजनिक परिवहन प्रभावित होने और सड़क मार्गों पर आवाजाही सीमित होने जैसी स्थिति बनी। इस बीच, सोशल मीडिया पर लोगों के बर्फ के ढेरों के बीच रास्ता बनाकर निकलने, छतों पर जमी बर्फ हटाने और असामान्य स्नोड्रिफ्ट के वीडियो भी सामने आते रहे।
NASA Earth Observatory ने भी कामचटका पर जनवरी 2026 में भारी बर्फ जमाव का उल्लेख किया और सैटेलाइट इमेज के जरिए प्रायद्वीप पर व्यापक बर्फ की परत दिखने की जानकारी साझा की। ऐसी घटनाएं चरम मौसम की बढ़ती आवृत्ति पर बहस को भी तेज करती हैं, क्योंकि कुछ क्षेत्रों में अत्यधिक बर्फबारी को बदलते मौसम पैटर्न से जोड़ा जा रहा है।