रूस-यूक्रेन युद्ध पर वार्ता तेज? UAE में अमेरिका-रूस-यूक्रेन की त्रिपक्षीय बैठक
रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म करने की दिशा में एक नई पहल के तौर पर यूएई में अमेरिका, रूस और यूक्रेन की त्रिपक्षीय बैठक की खबर सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक यह बैठक 23-24 जनवरी 2026 को अबू धाबी में रखी गई।
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- व्यापार जगत न्यूज़ डेस्क
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क्या बताया गया है
रिपोर्ट के अनुसार, रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के प्रयासों के बीच संयुक्त अरब अमीरात में अमेरिका, रूस और यूक्रेन की पहली त्रिपक्षीय बैठक 23 जनवरी 2026 से शुरू होने की बात कही गई है। खबर में बताया गया कि यह बातचीत 23 और 24 जनवरी 2026 को अबू धाबी में होनी है और इसे ‘ऐतिहासिक’ वार्ता के तौर पर देखा जा रहा है। ([livehindustan.com](https://www.livehindustan.com/international/ukraine-russia-and-us-to-hold-a-trilateral-meeting-in-uae-from-23-january-2026-201769101885329.html?utm_source=openai))

युद्धविराम और शांति दस्तावेज़ पर संकेत
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि शांति समझौते से जुड़ा दस्तावेज़ ‘लगभग तैयार’ होने का दावा किया गया है, जिससे लंबे समय से जारी संघर्ष के लिए संभावित रोडमैप बन सकता है। हालांकि, अंतिम नतीजा वार्ता की शर्तों और पक्षों की सहमति पर निर्भर रहेगा। ([livehindustan.com](https://www.livehindustan.com/international/ukraine-russia-and-us-to-hold-a-trilateral-meeting-in-uae-from-23-january-2026-201769101885329.html?utm_source=openai))
अमेरिका की भूमिका पर क्या कहा गया
उसी रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बातचीत को लेकर बयान दिया और युद्ध समाप्त होने की जरूरत पर जोर दिया। साथ ही, मीडिया से बातचीत में यह बात आई कि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की पुतिन से मुलाकात ‘आज या कल’ हो सकती है। ([livehindustan.com](https://www.livehindustan.com/international/ukraine-russia-and-us-to-hold-a-trilateral-meeting-in-uae-from-23-january-2026-201769101885329.html?utm_source=openai))
क्यों अहम है यह बैठक
- यदि तीनों पक्ष एक ही मंच पर बैठते हैं, तो यह वार्ता प्रक्रिया को नई गति दे सकता है।
- मध्यस्थ स्थल (यूएई) के रूप में भूमिका कूटनीतिक संकेत देती है।
- युद्धविराम/समझौते पर किसी भी ठोस प्रगति का वैश्विक ऊर्जा, अनाज आपूर्ति और सुरक्षा पर असर पड़ सकता है।
कूटनीति में ‘मेज पर आना’ पहला कदम होता है; असली परीक्षा ‘मेज से समझौते के साथ उठना’ है।