पोप लियो ने यूक्रेन युद्ध पर चिंता जताई, कहा- ठंड में आम नागरिक सबसे ज्यादा प्रभावित, युद्ध खत्म करने की अपील
25 जनवरी 2026 को पोप लियो ने एंजेलस प्रार्थना के बाद कहा कि यूक्रेन पर जारी हमलों से आम नागरिक सर्दी के मौसम में खुले जोखिम में हैं। उन्होंने युद्ध को समाप्त करने के लिए प्रयास तेज करने और स्थायी शांति की दिशा में कदम बढ़ाने की अपील की।
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- व्यापार जगत न्यूज़ डेस्क
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पोप लियो ने रविवार, 25 जनवरी 2026 को यूक्रेन में जारी युद्ध को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की और कहा कि लगातार हमलों के कारण आम नागरिकों पर असर और गंभीर होता जा रहा है। एंजेलस प्रार्थना के बाद उन्होंने कहा कि सर्दियों के बीच यूक्रेन की आबादी लगातार हमलों के बीच ठंड के खतरे के सामने भी खुली हुई है, जिससे मानवीय संकट और बढ़ता दिख रहा है।

पोप ने कहा कि लंबे समय से चल रही लड़ाई का सबसे बड़ा बोझ नागरिकों पर पड़ रहा है—जिन्हें न सिर्फ सुरक्षा, बल्कि बुनियादी सुविधाओं और गर्मी की जरूरतों के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है। उनके मुताबिक, यह संघर्ष लोगों के बीच दूरी बढ़ाता है और न्यायपूर्ण तथा टिकाऊ शांति को और दूर धकेल देता है।
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय और संबंधित पक्षों से आग्रह किया कि युद्ध समाप्त करने के प्रयासों को तेज किया जाए। पोप लियो ने यह भी कहा कि वे पीड़ितों के साथ निकटता महसूस करते हैं और उनके लिए प्रार्थना करते हैं, ताकि हिंसा के बीच फंसे परिवारों, बच्चों और बुजुर्गों को राहत मिल सके।
पोप की टिप्पणी ऐसे समय आई है जब यूरोप के कई हिस्सों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है और यूक्रेन के कई क्षेत्रों में लोगों को ऊर्जा, हीटिंग और सुरक्षित आश्रय जैसी जरूरतों में बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है। इस पृष्ठभूमि में उनका संदेश मूल रूप से मानवीय पीड़ा घटाने, बातचीत की गुंजाइश बढ़ाने और शांति के लिए ठोस कदम उठाने पर केंद्रित रहा।
अपने संदेश में पोप ने यह रेखांकित किया कि युद्ध जितना लंबा खिंचता है, उतना ही उसका ‘सिविलियन कॉस्ट’ बढ़ता जाता है—और दुनिया का ध्यान उन उपायों पर जाना चाहिए जो लड़ाई रोकें, राहत पहुंचाएं और स्थायी समाधान की दिशा में ले जाएं।