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[दुनिया]

यूएई में रूस-यूक्रेन-अमेरिका की पहली त्रिपक्षीय वार्ता; डोनबास पर सहमति बनना अब भी चुनौती

यूएई में रूस, यूक्रेन और अमेरिका के बीच पहली त्रिपक्षीय बैठक हुई। वार्ता ऐसे वक्त पर हुई जब कीव पर हमले की खबरें भी सामने आ रही थीं। रिपोर्ट में डोनबास को सबसे पेचीदा मुद्दा बताया गया है।

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व्यापार जगत न्यूज़ डेस्क
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यूक्रेन युद्ध को लेकर कूटनीतिक हल तलाशने की दिशा में एक अहम घटनाक्रम सामने आया है। 26 जनवरी 2026 को प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक यूएई में रूस, यूक्रेन और अमेरिका के बीच पहली बार त्रिपक्षीय वार्ता आयोजित की गई। इसे इस लंबे संघर्ष में शांति की संभावनाएं टटोलने वाला, लेकिन जटिलताओं से भरा कदम माना जा रहा है।

यूएई में रूस-यूक्रेन-अमेरिका की पहली त्रिपक्षीय वार्ता; डोनबास पर सहमति बनना अब भी चुनौती
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रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि बैठक ऐसे समय पर हुई जब कीव पर हमलों और मिसाइल गिरने जैसी घटनाओं का संदर्भ बना हुआ था। ऐसे माहौल में वार्ता का होना अपने-आप में संकेत देता है कि सैन्य तनाव के साथ-साथ कूटनीतिक चैनल भी सक्रिय रखने की कोशिश जारी है।

डोनबास बना ‘कुंजी’ मुद्दा

त्रिपक्षीय बातचीत में डोनबास क्षेत्र को सबसे बड़ा अटकाव बताया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक लंबे समय से यह इलाका विवाद का केंद्र रहा है और यहां पर किसी साझा समझ तक पहुंचना दोनों पक्षों के लिए कठिन साबित हो रहा है। यही वजह है कि शांति प्रक्रिया की प्रगति काफी हद तक इसी मुद्दे पर बनने वाली सहमति पर निर्भर मानी जा रही है।

अगले दौर की तैयारी और पक्षों की स्थिति

रिपोर्ट के अनुसार, बैठक में भविष्य की वार्ताओं के लिए रूपरेखा और आगे की योजनाओं पर भी चर्चा हुई। अमेरिका ने पहल का स्वागत करते हुए यूक्रेन की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के समर्थन की बात दोहराई। वहीं रूस की ओर से भी कूटनीतिक समाधान की संभावना को लेकर संकेत दिए गए।

आगे की राह इस बात पर निर्भर होगी कि वार्ता का अगला चरण कितनी तेजी से तय होता है और क्या डोनबास जैसे मुद्दों पर कोई व्यावहारिक फार्मूला निकल पाता है। फिलहाल, यूएई में हुई यह बैठक दोनों पक्षों को एक ही मंच पर लाने की वजह से एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में देखी जा रही है।

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