रिपोर्ट: 2026 की पहली छमाही में भारत में हायरिंग तेज, 76% नियोक्ता नई भर्तियों की तैयारी में; हेल्थकेयर-आईटी में सबसे ज्यादा उम्मीद
एक रिपोर्ट के मुताबिक 2026 की पहली छमाही में भारत के 76% नियोक्ता नई भर्तियां करने की तैयारी में हैं। अनुमान है कि हेल्थकेयर और आईटी सेक्टर में मौके ज्यादा बनेंगे, जबकि एआई को लेकर भी कंपनियों का रुख यह है कि इसका कुल रोजगार पर सीमित प्रभाव पड़ेगा।
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- व्यापार जगत न्यूज़ डेस्क
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भारत के रोजगार बाजार को लेकर एक सकारात्मक संकेत सामने आया है। एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया गया है कि 2026 की पहली छमाही में देश के 76% नियोक्ता नए लोगों को रखने की तैयारी में हैं। इस ट्रेंड को कई कंपनियों द्वारा मांग में संभावित बढ़ोतरी, नई परियोजनाओं की शुरुआत और कौशल-आधारित भूमिकाओं के विस्तार से जोड़ा जा रहा है।

रिपोर्ट के मुताबिक, हेल्थकेयर और आईटी सेक्टर में सबसे अधिक भर्ती की उम्मीद जताई गई है। हेल्थकेयर में अस्पताल-आधारित सेवाएं, डायग्नोस्टिक्स, सपोर्ट स्टाफ और डिजिटल हेल्थ जैसी भूमिकाएं बढ़ सकती हैं। वहीं आईटी क्षेत्र में सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, क्लाउड, साइबर सुरक्षा, डेटा और एंटरप्राइज टेक रोल्स की मांग बने रहने की संभावना बताई जा रही है।
AI और नौकरियों को लेकर कंपनियों की सोच
रिपोर्ट में एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के असर पर भी चर्चा है। इसमें बताया गया कि कई रोजगार प्रदाताओं का मानना है कि एआई से नौकरियों पर कोई बड़ा नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा। इसका अर्थ यह भी निकाला जा रहा है कि कंपनियां एआई को ‘रिप्लेसमेंट’ की बजाय ‘प्रोडक्टिविटी टूल’ की तरह देख रही हैं—यानी कुछ दोहराव वाले काम ऑटोमेट होंगे, लेकिन साथ ही नई भूमिकाएं भी बनेंगी।
हालांकि, विशेषज्ञों के अनुसार, कुल हायरिंग के साथ-साथ स्किल शिफ्ट भी तेज होगा। जिन भूमिकाओं में डेटा-लिटरेसी, टूल-आधारित काम और प्रोसेस ऑटोमेशन की समझ जरूरी होगी, वहां उम्मीदवारों से अधिक अपस्किलिंग की अपेक्षा रहेगी। इसलिए नौकरी खोजने वालों के लिए सबसे महत्वपूर्ण रणनीति यह हो सकती है कि वे अपने डोमेन के साथ-साथ डिजिटल और एआई-समर्थित टूल्स पर भी पकड़ बनाएं।
जॉब सीकर्स के लिए क्या संकेत
- हेल्थकेयर और आईटी में अवसर अपेक्षाकृत अधिक हो सकते हैं।
- एआई को लेकर कंपनियां अभी ‘हायरिंग फ्रीज’ के बजाय ‘री-स्किल’ पर ज्यादा जोर दे रही हैं।
- टेक्निकल स्किल के साथ कम्युनिकेशन, समस्या-समाधान और डोमेन नॉलेज की वैल्यू बढ़ेगी।
- पहली छमाही में अवसर बढ़ने पर प्रतिस्पर्धा भी बढ़ सकती है, इसलिए तैयारी जरूरी है।
कुल मिलाकर, रिपोर्ट यह संकेत देती है कि 2026 की शुरुआत में रोजगार बाजार में गति बने रहने की संभावना है, खासकर उन क्षेत्रों में जो तकनीक और सेवाओं के विस्तार से सीधे जुड़े हैं।