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बैंक हड़ताल का असर: 4 लाख करोड़ के चेक क्लियरेंस अटके; एशियन पेंट्स, टाटा कंज्यूमर और मैरिको के नतीजों पर भी नजर

यूएफबीयू की हड़ताल से कई जगह शाखा सेवाएं प्रभावित रहीं और बड़े पैमाने पर चेक क्लियरेंस अटकने की बात सामने आई। साथ ही कॉरपोरेट नतीजों में एशियन पेंट्स के मुनाफे में गिरावट और टाटा कंज्यूमर व मैरिको के लाभ में बढ़त जैसी अपडेट भी चर्चा में रहीं।

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व्यापार जगत न्यूज़ डेस्क
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नई दिल्ली: देशभर में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) की हड़ताल का असर कई जगहों पर बैंकिंग सेवाओं पर पड़ा। खबर के मुताबिक, जमा-निकासी जैसी शाखा सेवाएं प्रभावित रहीं और चेक क्लियरेंस का बड़ा हिस्सा अटक गया। बताया गया कि करीब 4 लाख करोड़ रुपये के चेक क्लियरेंस लंबित रहे। यूनियन की प्रमुख मांगों में सप्ताह में पांच कार्यदिवस (फाइव-डे वर्किंग) लागू करना शामिल है।

बैंक हड़ताल का असर: 4 लाख करोड़ के चेक क्लियरेंस अटके; एशियन पेंट्स, टाटा कंज्यूमर और मैरिको के नतीजों पर भी नजर
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रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि सरकारी बैंकों की विभिन्न यूनियनों के कर्मचारियों ने हड़ताल में भाग लिया, जिससे नकद लेनदेन, बिल ट्रेडिंग, बिल डिस्काउंटिंग और ट्रेडिंग जैसी गतिविधियों पर असर पड़ा। कई स्थानों पर ट्रेजरी ऑपरेशन भी प्रभावित रहे। बैंक यूनियनों की ओर से लंबे समय से यह मांग उठाई जा रही है कि कार्यदिवस सोमवार से शुक्रवार तक सीमित किए जाएं और शनिवार को अवकाश मिले, जबकि कार्य समय में निर्धारित वृद्धि के जरिए समायोजन किया जा सके।

इसी दिन कॉरपोरेट अपडेट्स में भी निवेशकों की नजर तिमाही नतीजों पर रही। एशियन पेंट्स के लाभ में गिरावट का जिक्र हुआ, जहां तिमाही मुनाफा घटने की बात कही गई। रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ एकमुश्त और अधिग्रहण से जुड़े खर्चों ने भी लाभप्रदता पर असर डाला। वहीं राजस्व में मामूली बढ़त दर्ज होने की जानकारी दी गई।

टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के मामले में तिमाही लाभ में अच्छी बढ़ोतरी का उल्लेख किया गया। कंपनी के राजस्व में भी वृद्धि की बात सामने आई, जबकि खर्च भी बढ़े। इसी तरह मैरिको के नतीजों में भी लाभ और राजस्व दोनों में बढ़त का हवाला दिया गया, हालांकि लागत में बढ़ोतरी का असर यहां भी देखने को मिला।

बिजनेस अपडेट में ऊर्जा क्षेत्र पर भी एक अहम टिप्पणी शामिल रही। रिपोर्ट के मुताबिक, सतत विकास और शून्य-कार्बन लक्ष्यों के बीच संतुलन बनाने के लिए भारत को ऊर्जा क्षेत्र में बड़े वार्षिक निवेश की आवश्यकता होगी। इसमें बिजली उत्पादन, ऊर्जा भंडारण और ग्रिड आधुनिकीकरण जैसे क्षेत्रों पर जोर देने की बात कही गई।

कुल मिलाकर, बैंक हड़ताल ने रोजमर्रा के लेनदेन और क्लियरेंस चेन पर दबाव बढ़ाया, जबकि कंपनियों के नतीजों और सेक्टरल इनसाइट्स ने बाजार की दिशा पर नई चर्चा छेड़ी। निवेशकों और उपभोक्ताओं—दोनों के लिए यह दिन बैंकिंग संचालन और कॉरपोरेट प्रदर्शन, दोनों मोर्चों पर महत्वपूर्ण रहा।

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  1. Amar UjalaAmar Ujala