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इंडिया एनर्जी वीक 2026: पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन, दक्षिण गोवा में 27-30 जनवरी तक होगा आयोजन

अमर उजाला के मुताबिक इंडिया एनर्जी वीक (IEW) 2026 सम्मेलन 27 से 30 जनवरी के बीच दक्षिण गोवा में आयोजित होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 जनवरी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उद्घाटन करेंगे, जबकि कई देशों के मंत्री और ऊर्जा क्षेत्र के प्रतिनिधि कार्यक्रम में भाग लेंगे।

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व्यापार जगत न्यूज़ डेस्क
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ऊर्जा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण मंच ‘इंडिया एनर्जी वीक (IEW) 2026’ का आयोजन 27 से 30 जनवरी 2026 के बीच दक्षिण गोवा में होने जा रहा है। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 जनवरी 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। कार्यक्रम में ऊर्जा नीति, निवेश, तकनीक और वैश्विक ऊर्जा बाजारों से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।

इंडिया एनर्जी वीक 2026: पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन, दक्षिण गोवा में 27-30 जनवरी तक होगा आयोजन
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कौन-कौन होंगे प्रमुख अतिथि

रिपोर्ट में बताया गया है कि उद्घाटन समारोह में केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी सहित कई अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। संयुक्त अरब अमीरात के उद्योग व उन्नत प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. सुल्तान अहमद अल जाबेर और कनाडा के ऊर्जा व प्राकृतिक संसाधन मंत्री टिम हॉजसन के शामिल होने का उल्लेख किया गया है। इसके अलावा अफ्रीका, मध्य पूर्व, मध्य एशिया और वैश्विक दक्षिण के वरिष्ठ मंत्री व प्रतिनिधि भी कार्यक्रम का हिस्सा बन सकते हैं।

भारत के लिए क्यों अहम है यह सम्मेलन

भारत की ऊर्जा मांग लगातार बढ़ रही है, ऐसे में तेल-गैस, नवीकरणीय ऊर्जा, हाइड्रोजन, और ऊर्जा सुरक्षा जैसे विषय नीति-निर्माताओं और उद्योग के लिए केंद्र में हैं। इस तरह के सम्मेलन निवेशकों को भारत के ऊर्जा रोडमैप को समझने का अवसर देते हैं, जबकि सरकार को वैश्विक साझेदारों के साथ सहयोग बढ़ाने का मंच मिलता है।

बाजार और उद्योग पर संभावित संकेत

ऐसे आयोजनों से अक्सर नई परियोजनाओं, एमओयू, तकनीकी साझेदारी और निवेश घोषणाओं के संकेत मिलते हैं। साथ ही, कच्चे तेल की कीमतों, सप्लाई चेन, और ऊर्जा संक्रमण की वैश्विक बहस के बीच भारत की प्राथमिकताएं भी स्पष्ट होती हैं। ऊर्जा कंपनियां और स्टार्टअप्स भी नई तकनीकों—जैसे स्टोरेज, ग्रिड मैनेजमेंट, और क्लीन फ्यूल—पर चर्चा के जरिए अपनी रणनीति तय करते हैं।

  • ऊर्जा सुरक्षा और सप्लाई स्थिरता पर चर्चा
  • नवीकरणीय ऊर्जा, हाइड्रोजन और ट्रांजिशन फाइनेंस
  • तेल-गैस निवेश, रिफाइनिंग और गैस इंफ्रास्ट्रक्चर
  • अंतरराष्ट्रीय सहयोग और व्यापार अवसर

कुल मिलाकर, IEW 2026 भारत के ऊर्जा क्षेत्र के लिए एक ऐसा मंच है जहां नीति, निवेश और तकनीक—तीनों का दिशा-निर्धारण एक साथ होता दिखाई दे सकता है।

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  1. Amar UjalaAmar Ujala