WEF दावोस 2026: आज से वैश्विक समागम, ‘डायलॉग’ थीम के साथ ग्रोथ-टेक-पर्यावरण पर फोकस
NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक दावोस में WEF 2026 की बैठक 19 से 23 जनवरी 2026 तक चली, जहां 130 देशों के 3000+ नेता जुटे। एजेंडा में भू-राजनीति, विकास, लोग, तकनीक और पर्यावरण जैसे विषय प्रमुख रहे।
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- व्यापार जगत न्यूज़ डेस्क
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दावोस 2026 की शुरुआत और थीम
NDTV की रिपोर्ट के अनुसार, स्विट्जरलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) 2026 की 56वीं वार्षिक बैठक 19 जनवरी 2026 से शुरू हुई और 23 जनवरी 2026 तक चली। इस साल की थीम ‘A Spirit of Dialogue’ बताई गई, यानी बड़े मतभेदों और अनिश्चितताओं के बीच संवाद के जरिए समाधान तलाशने पर जोर।

कौन-कौन शामिल रहा
रिपोर्ट में बताया गया कि भारत सहित करीब 130 देशों के 3,000 से ज्यादा नेता, नीति-निर्माता और बिज़नेस लीडर्स इस मंच पर जुटे। भारत की भागीदारी में कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों के शामिल होने का उल्लेख भी किया गया।
इस बार के एजेंडे में क्या रहा
रिपोर्ट के मुताबिक, बैठक में पांच बड़े सवाल/थीम पर फोकस रहा—भू-राजनीति (Geopolitics), विकास (Growth), लोग (People), तकनीक (Technology) और पर्यावरण (Planet)। ऐसे समय में जब वैश्विक सप्लाई चेन, व्यापार और निवेश निर्णय तेजी से बदल रहे हैं, इन विषयों का ‘बिज़नेस इम्पैक्ट’ सीधे तौर पर महसूस किया जा रहा है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह मंच (बिज़नेस एंगल)
दावोस जैसे मंच पर सरकारें और कंपनियां अक्सर निवेश संकेत, नई साझेदारियां, और उभरती टेक्नोलॉजी पर साझा नियमों के बारे में चर्चा करती हैं। AI, ऊर्जा संक्रमण, और भू-राजनीतिक जोखिम—तीनों ही 2026 में पूंजी प्रवाह, कमोडिटी कीमतों और कॉर्पोरेट रणनीतियों को प्रभावित करने वाले बड़े फैक्टर माने जा रहे हैं।
आगे किन संकेतों पर नजर
- AI/टेक रेगुलेशन और डेटा गवर्नेंस पर देशों का रुख
- ऊर्जा और जलवायु नीतियों के चलते नई इंडस्ट्री-चेन का बनना
- भू-राजनीतिक तनावों का व्यापार, टैरिफ और निवेश पर असर