26 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस के चलते बीएसई और एनएसई में ट्रेडिंग बंद रही। निवेशकों को अगले कारोबारी दिन के लिए रणनीति बनाते समय छुट्टियों के कैलेंडर और सेटलमेंट टाइमलाइन का ध्यान रखने की सलाह दी गई।
गणतंत्र दिवस के कारण 26 जनवरी 2026 (सोमवार) को NSE और BSE पर इक्विटी, F&O, करेंसी डेरिवेटिव्स और SLB समेत सभी सेगमेंट में ट्रेडिंग बंद रहेगी। कमोडिटी बाजार (MCX) में भी सत्र नहीं होंगे। निवेशकों को पोजीशन प्लानिंग और सेटलमेंट से जुड़ी तैयारियां पहले से रखने की सलाह दी गई है।
निवेशकों के लिए जरूरी अपडेट में बताया गया कि 26 जनवरी 2026 (गणतंत्र दिवस) के कारण बीएसई और एनएसई पर पूरे दिन कारोबार बंद रहा। अगला ट्रेडिंग सेशन मंगलवार को सामान्य समय पर शुरू होने की जानकारी दी गई।
BSE और NSE ने घोषणा की है कि यूनियन बजट 2026 के दिन 1 फरवरी 2026 (रविवार) को शेयर बाजार में लाइव ट्रेडिंग होगी। सर्कुलर के मुताबिक ट्रेडिंग सामान्य समय-सीमा में चलेगी, जिससे बजट के तुरंत बाद बाजार प्रतिक्रिया देखने को मिलेगी।
रिपोर्ट के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना करीब 5,100 डॉलर प्रति औंस तक पहुंचा और चांदी 108 डॉलर के पार चली गई। इसके साथ गोल्ड का मार्केट कैप 35 ट्रिलियन डॉलर से ऊपर और चांदी का 6 ट्रिलियन डॉलर से अधिक बताया गया। आगे फेड के फैसलों, टैरिफ/कानूनी घटनाक्रम और भारत के बजट जैसे कारकों पर नजर रहने की बात कही गई।
NDTV की रिपोर्ट के अनुसार 26 जनवरी 2026 (गणतंत्र दिवस) के मौके पर NSE और BSE में इक्विटी ट्रेडिंग नहीं हुई। खबर में बताया गया कि कई निवेशक सुबह से यह जानना चाह रहे थे कि बाजार खुलेगा या बंद रहेगा, खासकर बजट से पहले के उतार-चढ़ाव के बीच।
गणतंत्र दिवस के कारण सोमवार, 26 जनवरी 2026 को BSE और NSE में इक्विटी ट्रेडिंग नहीं हुई। NDTV की रिपोर्ट में आगे बताया गया कि 1 फरवरी 2026 (रविवार) को बजट के बावजूद एक्सचेंज सामान्य समय पर खुले रहने की व्यवस्था है।
गणतंत्र दिवस के कारण 26 जनवरी 2026 को BSE और NSE में ट्रेडिंग नहीं होगी। रिपोर्ट के मुताबिक अगले हफ्ते बजट वाले दिन 1 फरवरी (रविवार) को बाजार खुले रहेंगे।
लाइवमिंट हिंदी की रिपोर्ट के अनुसार, AICPI और गणना के आधार पर जनवरी 2026 से DA में बढ़ोतरी का अनुमान लगाया जा रहा है। रिपोर्ट में संभावित स्तर 61% (और इंडेक्स बढ़ने पर अधिक) तक का संकेत और सैलरी पर अनुमानित असर बताया गया है।
27 जनवरी 2026 को बैंकिंग सेवाओं में बाधा की आशंका को लेकर खबरें सामने आईं। कई सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की ओर से ग्राहकों को संभावित असर के बारे में सतर्क रहने को कहा गया, जिससे लेन-देन और शाखा सेवाओं की योजना बनाने की जरूरत बढ़ गई।
Moneycontrol Hindi के मुताबिक, जनवरी 2026 में टाटा कैपिटल और LG सहित 27 कंपनियों के IPO लॉक-इन खत्म होंगे। इससे बाजार में शेयर सप्लाई बढ़ सकती है और कुछ स्टॉक्स में तेज वॉलैटिलिटी देखी जा सकती है।
रिपोर्ट के अनुसार भारत-अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता का एक दौर स्थगित हुआ है और अमेरिकी पक्ष द्वारा भारतीय उत्पादों पर 25% अतिरिक्त टैरिफ की संभावित समय-सीमा का जिक्र किया गया। इससे निर्यात, शुल्क-आधारित लागत और द्विपक्षीय व्यापार माहौल पर असर की आशंका है।