एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) के अध्यक्ष बोर्गे ब्रेंडे ने दावोस में भारत की ग्रोथ पर सकारात्मक टिप्पणी की और कहा कि वैश्विक वृद्धि में भारत का योगदान बड़ा हो सकता है।
यूरोपीय संघ ने दक्षिण अमेरिकी समूह मर्कोसुर के साथ लंबे समय से अटके व्यापार समझौते को समर्थन दे दिया। जहां यूरोपीय आयोग इसे रणनीतिक उपलब्धि बता रहा है, वहीं फ्रांस सहित कुछ देशों में किसान और राजनीतिक दल इसे घरेलू कृषि पर खतरे के रूप में देख रहे हैं।
भारतीय शेयर बाजार में तेज गिरावट देखने को मिली। रिपोर्ट के मुताबिक निफ्टी 25400 के नीचे फिसला और सेंसेक्स में 600 से ज्यादा अंकों की कमजोरी रही। बजाज फाइनेंस, जोमैटो सहित कई शेयरों पर दबाव दर्ज हुआ।
WEF दावोस 2026 के दौरान महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने NDTV को बताया कि राज्य ने अलग-अलग क्षेत्रों में 85 MoU साइन किए हैं। बातचीत में उन्होंने रायगढ़ पेंट स्मार्ट सिटी और नवी मुंबई के पास ‘इनोवेशन सिटी’ जैसी पहलों का भी जिक्र किया।
एक रिपोर्ट के मुताबिक 2026 की पहली छमाही में भारत के 76% नियोक्ता नई भर्तियां करने की तैयारी में हैं। अनुमान है कि हेल्थकेयर और आईटी सेक्टर में मौके ज्यादा बनेंगे, जबकि एआई को लेकर भी कंपनियों का रुख यह है कि इसका कुल रोजगार पर सीमित प्रभाव पड़ेगा।
बैंक यूनियनों के संयुक्त मंच UFBU ने 27 जनवरी 2026 को राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। मांगों में बैंकों में 5-दिवसीय कार्य सप्ताह समेत अन्य मुद्दे शामिल बताए गए हैं। हड़ताल होने पर शाखा-आधारित सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं, जबकि डिजिटल सेवाएं सामान्य रहने की संभावना है।
जनवरी 2026 में भारतीय शेयर बाजार में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की बिकवाली तेज रही। रिपोर्ट के मुताबिक, महीने में अब तक कुल 27,454 करोड़ रुपये की निकासी दर्ज की गई, जिससे बाजार की धारणा पर दबाव बना।
एनडीटीवी के मुताबिक 19 जनवरी 2026 को शेयर बाजार की कमजोर शुरुआत हुई. शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट दिखी, वहीं रुपया डॉलर के मुकाबले थोड़ा मजबूत हुआ.
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने 27 जनवरी 2026 को देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। मांग है कि बैंकों में 5-दिवसीय कार्य सप्ताह लागू हो और सभी शनिवार छुट्टी हों। रिपोर्ट के मुताबिक इससे बैंकिंग सेवाएं बाधित हो सकती हैं।
दावोस में WEF की वार्षिक बैठक के दौरान MMRDA ने पहले दिन कई समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर कर 96 अरब डॉलर के निवेश प्रस्ताव मिलने का दावा किया। इससे रोजगार सृजन की उम्मीद जताई गई।
25 जनवरी 2026 को प्रकाशित विश्लेषण में बताया गया कि यूनियन बजट 2026 से निवेशक टैक्स नियमों में स्पष्टता, अनुपालन सरलता, स्टार्टअप के लिए निजी पूंजी को प्रोत्साहन और बाजार-अनुकूल सुधारों की उम्मीद कर रहे हैं। चर्चा में वैश्विक निवेशकों के लिए नियमों की सरलता और कर आधार बढ़ाने जैसे मुद्दे भी सामने आए।
दलाल स्ट्रीट पर जोरदार बिकवाली के बीच सेंसेक्स में 1066 अंकों की गिरावट दर्ज की गई और निफ्टी 25,250 के नीचे बंद हुआ। रिपोर्ट में बाजार की चाल, सपोर्ट-रेजिस्टेंस और सेक्टोरल मूवमेंट से जुड़े अपडेट शामिल हैं।