प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने 31 अगस्त 2026 को बिश्केक में SCO शिखर सम्मेलन के दौरान मुलाकात की। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की।
संसद के बजट सत्र की शुरुआत 28 जनवरी 2026 से हो गई है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के संयुक्त संबोधन के बाद आर्थिक सर्वेक्षण और 1 फरवरी को बजट पेश होने का रास्ता खुलेगा। सत्र के दौरान सरकार की आर्थिक प्राथमिकताओं पर विपक्ष का तीखा हमला और बहस की संभावना है।
28 जनवरी 2026 को राजनीतिक परिदृश्य में बजट सत्र की शुरुआत के साथ कई घटनाएं चर्चा में रहीं। एक ओर राष्ट्रपति के संबोधन और नीति-निर्माण से जुड़े मुद्दे रहे, दूसरी ओर अदालत से जुड़े फैसलों व सार्वजनिक बहसों ने राजनीतिक तापमान बढ़ाया।
संसद का बजट सत्र 28 जनवरी 2026 से शुरू हुआ और यह 2 अप्रैल 2026 तक चलेगा। पहला चरण 13 फरवरी तक, दूसरा चरण 9 मार्च से। 1 फरवरी 2026 को केंद्रीय बजट पेश होगा।
यूजीसी के नए एंटी-डिस्क्रिमिनेशन/इक्विटी नियमों पर बहस के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि किसी के साथ भेदभाव नहीं होगा और कानून का दुरुपयोग भी नहीं होने दिया जाएगा। नियम 13 जनवरी 2026 को लागू किए गए थे।
नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक बजट सत्र की शुरुआत 28 जनवरी 2026 से होने वाली है। सत्र से पहले 27 जनवरी को सर्वदलीय बैठक बुलाई गई है, जिसमें विधायी कार्यों और प्रमुख मुद्दों पर चर्चा होगी। 1 फरवरी को केंद्रीय बजट पेश किया जाना है।
केंद्रीय बजट 2026-27 से पहले 27 जनवरी 2026 को ‘हलवा सेरेमनी’ की खबर सामने आई। यह परंपरा बजट दस्तावेज़ों की छपाई (नॉर्थ ब्लॉक प्रेस) और ‘लॉक-इन’ प्रक्रिया के शुरू होने का संकेत मानी जाती है।
NDTV रिपोर्ट के मुताबिक 2026 में राज्यसभा की 71 सीटों पर चुनाव होने हैं और 6 केंद्रीय मंत्रियों सहित कई सांसदों का कार्यकाल पूरा हो रहा है। रिपोर्ट में सत्तापक्ष की संख्या, विपक्ष की स्थिति और BSP के राज्यसभा से साफ होने जैसे राजनीतिक संकेतों का जिक्र है।
झारखंड में 48 शहरी स्थानीय निकायों के चुनाव कार्यक्रम की घोषणा हो गई। एक चरण में 23 फरवरी 2026 को वोटिंग होगी और 27 फरवरी 2026 को नतीजे आएंगे; घोषणा के साथ ही आचार संहिता लागू होने की बात भी सामने आई।
UGC के इक्विटी रेगुलेशंस/नियमों को लेकर उठे विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रक्रिया न्यायपालिका के दायरे में है और किसी से भेदभाव नहीं होगा।
पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने 26 जनवरी 2026 को कहा कि गणतंत्र दिवस को सिर्फ परेड और भाषणों तक सीमित नहीं होना चाहिए। उनके मुताबिक, यह दिन संविधान के पालन और नागरिक अधिकारों की रक्षा की प्रतिबद्धता को भी दर्शाए।